Tech & Travel

Follow for more updates

Wheat Crisis In Pakistan Imran Government Pressurized By Opposition – पाकिस्तान: गेहूं संकट पर घिरी इमरान सरकार,  बिलावल भुट्टो ने कहा- देश में सिर्फ 20 दिन का ही स्टॉक

एजेंसी, इस्लामाबाद
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 30 Apr 2021 02:30 AM IST

ख़बर सुनें

पाकिस्तान में महंगाई और बेरोजगारी से बेहाल लोगों पर एक और संकट आ खड़ा हुआ है। पड़ोसी मुल्क में आटे की कमी होने लगी है। बढ़ती महंगाई के चलते पहले से ही विपक्ष के निशाने पर रही इमरान खान की सरकार पर अब ‘आटा संकट’ के चलते दबाव बढ़ रहा है। विपक्ष का आरोप है कि देश में सिर्फ 20 दिन से कम का गेहूं स्टॉक ही उपलब्ध है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने चेतावनी दी है कि देश एक और आटा संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इस संकट के दौर में 40 किलो गेहूं की कीमत 1800 रुपये तय करने पर इमरान सरकार की जमकर आलोचना की। बिलावल ने इमरान सरकार पर आरोप लगाया कि ये झूठे दावे कर रही है कि इसने सब्सिडी की कीमत को 400 फीसदी तक बढ़ा दिया है।

विपक्षी नेता का दावा है  कि यह वृद्धि केवल 28 प्रतिशत थी, क्योंकि सरकार ने खरीद मूल्य को 1400 से बढ़ाकर 1800 रुपये कर दिया। उन्होंने कहा, हम सिंध प्रांत में किसानों का उत्पीड़न नहीं होने देेंगे। पीपीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश के इतिहास में आज पहली बार गेहूं का समर्थन मूल्य सभी प्रांतों में एक बराबर नहीं है। इमरान खान पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के किसानों के इस उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार हैं।

तीन साल में दो बार ‘आटा संकट’ 
विपक्ष ने अफसोस जताया है कि गेहूं उत्पादक देश के रूप में पहचाना जाने वाला पाकिस्तान अब अनाज का आयात कर रहा है। भुट्टो ने कहा, सरकार की गलत योजनाओं के चलते देश के भीतर तीन सालों में दो बार आटा संकट खड़ा हुआ है। उन्होंने खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि मशीनरी और बिजली की कीमतों को भी कम करने पर जोर दिया। इनकी कीमतों में 150 फीसदी तक इजाफा किया गया है।

विस्तार

पाकिस्तान में महंगाई और बेरोजगारी से बेहाल लोगों पर एक और संकट आ खड़ा हुआ है। पड़ोसी मुल्क में आटे की कमी होने लगी है। बढ़ती महंगाई के चलते पहले से ही विपक्ष के निशाने पर रही इमरान खान की सरकार पर अब ‘आटा संकट’ के चलते दबाव बढ़ रहा है। विपक्ष का आरोप है कि देश में सिर्फ 20 दिन से कम का गेहूं स्टॉक ही उपलब्ध है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो-जरदारी ने चेतावनी दी है कि देश एक और आटा संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने इस संकट के दौर में 40 किलो गेहूं की कीमत 1800 रुपये तय करने पर इमरान सरकार की जमकर आलोचना की। बिलावल ने इमरान सरकार पर आरोप लगाया कि ये झूठे दावे कर रही है कि इसने सब्सिडी की कीमत को 400 फीसदी तक बढ़ा दिया है।

विपक्षी नेता का दावा है  कि यह वृद्धि केवल 28 प्रतिशत थी, क्योंकि सरकार ने खरीद मूल्य को 1400 से बढ़ाकर 1800 रुपये कर दिया। उन्होंने कहा, हम सिंध प्रांत में किसानों का उत्पीड़न नहीं होने देेंगे। पीपीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश के इतिहास में आज पहली बार गेहूं का समर्थन मूल्य सभी प्रांतों में एक बराबर नहीं है। इमरान खान पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के किसानों के इस उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार हैं।

तीन साल में दो बार ‘आटा संकट’ 

विपक्ष ने अफसोस जताया है कि गेहूं उत्पादक देश के रूप में पहचाना जाने वाला पाकिस्तान अब अनाज का आयात कर रहा है। भुट्टो ने कहा, सरकार की गलत योजनाओं के चलते देश के भीतर तीन सालों में दो बार आटा संकट खड़ा हुआ है। उन्होंने खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि मशीनरी और बिजली की कीमतों को भी कम करने पर जोर दिया। इनकी कीमतों में 150 फीसदी तक इजाफा किया गया है।

Source link