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There Is A Shortage Of Oxygen In Small Hospitals Of Delhi – कब खत्म होगा ये संकट: छोटे-छोटे अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत, पुलिस भी सिलेंडर पहुंचा-पहुंचा कर हुई परेशान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 04 May 2021 01:05 AM IST

सार

राजधानी में ऑक्सीजन का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 17 दिन से स्थिति काफी बिगड़ चुकी है लेकिन दिल्ली सरकार का कहना है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है।

दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत
– फोटो : amar ujala

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राजधानी में ऑक्सीजन का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 17 दिन से स्थिति काफी बिगड़ चुकी है लेकिन दिल्ली सरकार का कहना है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। बहरहाल दिल्ली और केंद्र के बीच फंसे इस संकट का सबसे ज्यादा नुकसान अस्पतालों पर पड़ रहा है। कई निजी अस्पतालों के अधिकारी अपने चिकित्सीय ऑक्सीजन स्टॉक को भरने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं क्योंकि यहां ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना मरीजों की जिंदगी अधर में लटकी हुई है।

रोहिणी स्थित 50 बिस्तरों वाले धर्मवीर सोलंकी अस्पताल के डॉ. पंकज सोलंकी ने कहा कि वह एसओएस कॉल (जीवन रक्षा संदेश) करके थक चुके हैं। दो सप्ताह से वह रोज सुबह, शाम और रात में तीन बार ऑक्सीजन के लिए फोन करते हैं लेकिन अब वे खुद को हताश महसूस कर रहे हैं। डॉ. सोलंकी ने कहा कि अधिकतर समय संकट (ऑक्सीजन का) बना रहता है। अब 10 मरीजों के लिए व्यवस्था करना भी कठिन हो रहा है।

ठीक इसी तरह सोशल मीडिया पर भी अस्पतालों में ऑक्सीजन समाप्त होने और उनकी मदद करने की गुहार लगाई जा रही हैं। आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्डा ने कहा कि सरकार ने सोमवार दोपहर राजघाट रिस्पॉन्स प्वाइंट से अस्पताल को चार डी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर का आवंटन किया है। हरेक जीवन रक्षा संदेश का समाधान करने में हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे लेकिन दिल्ली सरकार भी एसओएस (जीवन रक्षा संदेश की गुहार) ही लगा रही है। कृपया हमें आवंटित ऑक्सीजन की पूर्ति करें।

बत्रा अस्पताल में कार्यकारी निदेशक सुधांशु बनकटा ने कहा कि वे बिस्तरों की संख्या में और कमी लाने की योजना बना रहे हैं। बत्रा अस्पताल ने रविवार को रोगियों को भर्ती करना बंद कर दिया था। दक्षिण दिल्ली के इस अस्पताल में शनिवार की दोपहर करीब 80 मिनट तक चिकित्सीय ऑक्सीजन की सुविधा खत्म हो जाने के कारण एक वरिष्ठ चिकित्सक सहित 12 कोविड-19 रोगियों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि हमने बिस्तरों की संख्या 307 से घटाकर 276 कर दी है। ऑक्सीजन के उपभोग को देखते हुए हम इसे कम कर 220 करेंगे।

विस्तार

राजधानी में ऑक्सीजन का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 17 दिन से स्थिति काफी बिगड़ चुकी है लेकिन दिल्ली सरकार का कहना है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। बहरहाल दिल्ली और केंद्र के बीच फंसे इस संकट का सबसे ज्यादा नुकसान अस्पतालों पर पड़ रहा है। कई निजी अस्पतालों के अधिकारी अपने चिकित्सीय ऑक्सीजन स्टॉक को भरने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं क्योंकि यहां ऑक्सीजन की कमी के कारण कोरोना मरीजों की जिंदगी अधर में लटकी हुई है।

रोहिणी स्थित 50 बिस्तरों वाले धर्मवीर सोलंकी अस्पताल के डॉ. पंकज सोलंकी ने कहा कि वह एसओएस कॉल (जीवन रक्षा संदेश) करके थक चुके हैं। दो सप्ताह से वह रोज सुबह, शाम और रात में तीन बार ऑक्सीजन के लिए फोन करते हैं लेकिन अब वे खुद को हताश महसूस कर रहे हैं। डॉ. सोलंकी ने कहा कि अधिकतर समय संकट (ऑक्सीजन का) बना रहता है। अब 10 मरीजों के लिए व्यवस्था करना भी कठिन हो रहा है।

ठीक इसी तरह सोशल मीडिया पर भी अस्पतालों में ऑक्सीजन समाप्त होने और उनकी मदद करने की गुहार लगाई जा रही हैं। आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्डा ने कहा कि सरकार ने सोमवार दोपहर राजघाट रिस्पॉन्स प्वाइंट से अस्पताल को चार डी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर का आवंटन किया है। हरेक जीवन रक्षा संदेश का समाधान करने में हम कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे लेकिन दिल्ली सरकार भी एसओएस (जीवन रक्षा संदेश की गुहार) ही लगा रही है। कृपया हमें आवंटित ऑक्सीजन की पूर्ति करें।

बत्रा अस्पताल में कार्यकारी निदेशक सुधांशु बनकटा ने कहा कि वे बिस्तरों की संख्या में और कमी लाने की योजना बना रहे हैं। बत्रा अस्पताल ने रविवार को रोगियों को भर्ती करना बंद कर दिया था। दक्षिण दिल्ली के इस अस्पताल में शनिवार की दोपहर करीब 80 मिनट तक चिकित्सीय ऑक्सीजन की सुविधा खत्म हो जाने के कारण एक वरिष्ठ चिकित्सक सहित 12 कोविड-19 रोगियों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि हमने बिस्तरों की संख्या 307 से घटाकर 276 कर दी है। ऑक्सीजन के उपभोग को देखते हुए हम इसे कम कर 220 करेंगे।

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