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Sc Lauds Mumbai Model Of Oxygen Management; Asks Centre, Delhi Govt To Talk With Bmc On Way To Augment, Manage Supply – ऑक्सीजन संकट : सुप्रीम कोर्ट ने ‘मुंबई मॉडल’ को सराहा, कहा- बीएमसी से बात करें केंद्र और दिल्ली सरकार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 05 May 2021 08:49 PM IST

सार

मुंबई में कोविड-19 के मरीजों को ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के महाराष्ट्र के प्रयास की बुधवार को तारीफ करते हुए उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र तथा दिल्ली सरकारों से कहा कि वे बीएमसी से इस संबंध में बात करके आपूर्ति प्रबंधन सीखें।

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रही ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त है। हालांकि बुधवार को कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका के मॉडल की तारीफ की है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को बीएमसी से इस संबंध में बात करने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा कि बीएमसी से बात करके आपूर्ति प्रबंधन सीखा जा सकता है। 

मुंबई में कोविड-19 के मरीजों को ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के महाराष्ट्र के प्रयास की बुधवार को तारीफ करते हुए उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र तथा दिल्ली सरकारों से कहा कि वे बीएमसी से इस संबंध में बात करके आपूर्ति प्रबंधन सीखें।

शीर्ष अदालत ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई अवमानना की कार्रवाई के नोटिस पर रोक लगाने की अपील पर सुनवाई और फिर अपने आदेश में इस बारे में टिप्पणियां कीं।

गौरतलब है कि अदालत ने केंद्र सरकार को दिल्ली में कोविड मरीजों के लिए 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति का आदेश दिया था और इसका पालन नहीं होने पर अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई पर रोक लगा दी। 

न्यायमूर्ति धनंजय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील पर संज्ञान लिया कि मुंबई में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 92,000 के पार होने के बावजूद शहर महज 275 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ काम कर रहा है।

मेहता ने कहा कि मैं मुंबई मॉडल की तारीफ करता हूं। यह कोई राजनीतिक मॉडल नहीं है। केंद्र या राज्य का खातिर नहीं, अदालत का अधिकारी होने के नाते हमें समाधान खोजने की जरूरत है। लोग यहां-वहां नहीं भटक सकते। यह दिल्ली के प्रयासों को कमतर करने की कोशिश नहीं है।

पीठ ने कहा कि रोजाना तमाम सूचनाएं आ रही हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका बहुत अच्छा काम कर रही है, हम दिल्ली का भी अपमान नहीं कर रहे। वह क्या कर रहे हैं, कैसे काम चला रहे हैं। हम उनसे सीख सकते हैं। मैं यह भी समझता हूं कि महाराष्ट्र ऑक्सीजन का उत्पादन करता है, जो दिल्ली नहीं कर सकता।

पीठ ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और प्रधान स्वास्थ्य सचिव, केंद्र सरकार के अधिकारियों से कहा कि वे ऑक्सीजन आपूर्ति के मॉडल को लेकर बीएमसी के आयुक्त से बात करें। पीठ ने कहा कि अगर इतनी ज्यादा आबादी वाले शहर मुंबई में ऐसा किया जा सकता है, तो ऐसा दिल्ली में भी किया जा सकता है।

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चल रही ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त है। हालांकि बुधवार को कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका के मॉडल की तारीफ की है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को बीएमसी से इस संबंध में बात करने की सलाह दी। कोर्ट ने कहा कि बीएमसी से बात करके आपूर्ति प्रबंधन सीखा जा सकता है। 

मुंबई में कोविड-19 के मरीजों को ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने के महाराष्ट्र के प्रयास की बुधवार को तारीफ करते हुए उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र तथा दिल्ली सरकारों से कहा कि वे बीएमसी से इस संबंध में बात करके आपूर्ति प्रबंधन सीखें।

शीर्ष अदालत ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा केंद्र सरकार के अधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई अवमानना की कार्रवाई के नोटिस पर रोक लगाने की अपील पर सुनवाई और फिर अपने आदेश में इस बारे में टिप्पणियां कीं।

गौरतलब है कि अदालत ने केंद्र सरकार को दिल्ली में कोविड मरीजों के लिए 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आपूर्ति का आदेश दिया था और इसका पालन नहीं होने पर अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। हालांकि कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई पर रोक लगा दी। 

न्यायमूर्ति धनंजय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील पर संज्ञान लिया कि मुंबई में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 92,000 के पार होने के बावजूद शहर महज 275 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के साथ काम कर रहा है।

मेहता ने कहा कि मैं मुंबई मॉडल की तारीफ करता हूं। यह कोई राजनीतिक मॉडल नहीं है। केंद्र या राज्य का खातिर नहीं, अदालत का अधिकारी होने के नाते हमें समाधान खोजने की जरूरत है। लोग यहां-वहां नहीं भटक सकते। यह दिल्ली के प्रयासों को कमतर करने की कोशिश नहीं है।

पीठ ने कहा कि रोजाना तमाम सूचनाएं आ रही हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका बहुत अच्छा काम कर रही है, हम दिल्ली का भी अपमान नहीं कर रहे। वह क्या कर रहे हैं, कैसे काम चला रहे हैं। हम उनसे सीख सकते हैं। मैं यह भी समझता हूं कि महाराष्ट्र ऑक्सीजन का उत्पादन करता है, जो दिल्ली नहीं कर सकता।

पीठ ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव और प्रधान स्वास्थ्य सचिव, केंद्र सरकार के अधिकारियों से कहा कि वे ऑक्सीजन आपूर्ति के मॉडल को लेकर बीएमसी के आयुक्त से बात करें। पीठ ने कहा कि अगर इतनी ज्यादा आबादी वाले शहर मुंबई में ऐसा किया जा सकता है, तो ऐसा दिल्ली में भी किया जा सकता है।

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