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Movement Of Army, Air Force Personnel Closed, Orders To Wear Double Masks – कोरोना का असर : सेना और वायुसेना के जवानों की मूवमेंट बंद, डबल मास्क पहनने के आदेश

मोहित धुपड़, करनाल
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 03 May 2021 02:16 AM IST

भारतीय वायुसेना का दल
– फोटो : भारतीय वायुसेना

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कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सेना और वायुसेना अपने जवानों के स्वास्थ्य को लेकर और ज्यादा गंभीर हो गई है। अब आगामी आदेशों तक सभी प्रकार की छुट्टियां, पोस्टिंग, कोर्स समेत तमाम विशेष प्रशिक्षणों पर रोक लगा दी गई है। जो जवान पहले से छुट्टियों पर चल रहे हैं, उन्हें यूनिटों की ओर से अगले आदेशों तक फिलहाल घर पर रुकने को कहा जा रहा है। इसके अतिरिक्त जवानों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी वैक्सीन लगवाने की तैयारी की जा रही है। 

गौरतलब है कि वायुसेना ने पहले सामान्य छुट्टियों पर रोक लगाते हुए एक बार में 25 से घटाकर 15 प्रतिशत स्टाफ को ही सशर्त केवल इमरजेंसी अवकाश देने का फैसला लिया था। मगर कोरोना से बिगड़ते हालातों के मद्देनजर अब हर तरह के अवकाश पर आगामी आदेशों तक रोक लगाई गई है। जवानों को यह भी आदेश जारी कर दिए हैं कि वे ड्यूटी के दौरान डबल मास्क पहनकर आएंगे।

यूनिटों द्वारा ड्यूटी रोस्टर भी तैयार कर किया गया है। जिसके तहत कुछ-कुछ जवानों को शिफ्ट वाइज ड्यूटी पर बुलाया जाएगा। जवानों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए दो से तीन दिन उन्हें डाइट में काढ़ा भी दिया जाएगा। साथ ही जवानों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नियमित व्यायाम में प्रशिक्षकों की मदद से फेफड़ों को स्वस्थ रखने और शरीर में आक्सीजन स्तर बनाए रखने संबंधी एक्सरसाइज को शामिल करें। 

इन विशेष प्रशिक्षणों पर भी रोक
जवानों को विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों के लिहाज से प्रशिक्षित बनाने के लिए उन्हें पैरामोटरिंग, पैराजंपिंग, पैराग्लाइडिंग, कायाकिंग, विंड सफरिंग, स्कूवा डाइविंग, माउंटेनिंग, ट्रैकिंग, राफ्टिंग, स्कीइंग इत्यादि की विशेष ट्रेनिंग समय-समय पर दी जाती है। मगर कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस तरह की सभी ट्रेनिंग पर भी रोक लगा दी गई है।

146 ऑक्सीजन कंटेनर हो चुके एयरलिफ्ट
अब तक एयरफोर्स द्वारा 146 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर एयरलिफ्ट करवाए जा चुके हैं। इनमें से 47 कंटेनर देश के भीतर एक से दूसरे राज्यों तक और 109 कंटेनर दूसरे देशों से भारत तक एयरलिफ्ट किए गए हैं। इस काम के लिए वायुसेना के मालवाहक विमान 28 घरेलू और 158 अंतरराष्ट्रीय उड़ान भर चुके हैं।

विस्तार

कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सेना और वायुसेना अपने जवानों के स्वास्थ्य को लेकर और ज्यादा गंभीर हो गई है। अब आगामी आदेशों तक सभी प्रकार की छुट्टियां, पोस्टिंग, कोर्स समेत तमाम विशेष प्रशिक्षणों पर रोक लगा दी गई है। जो जवान पहले से छुट्टियों पर चल रहे हैं, उन्हें यूनिटों की ओर से अगले आदेशों तक फिलहाल घर पर रुकने को कहा जा रहा है। इसके अतिरिक्त जवानों के साथ-साथ उनके परिजनों को भी वैक्सीन लगवाने की तैयारी की जा रही है। 

गौरतलब है कि वायुसेना ने पहले सामान्य छुट्टियों पर रोक लगाते हुए एक बार में 25 से घटाकर 15 प्रतिशत स्टाफ को ही सशर्त केवल इमरजेंसी अवकाश देने का फैसला लिया था। मगर कोरोना से बिगड़ते हालातों के मद्देनजर अब हर तरह के अवकाश पर आगामी आदेशों तक रोक लगाई गई है। जवानों को यह भी आदेश जारी कर दिए हैं कि वे ड्यूटी के दौरान डबल मास्क पहनकर आएंगे।

यूनिटों द्वारा ड्यूटी रोस्टर भी तैयार कर किया गया है। जिसके तहत कुछ-कुछ जवानों को शिफ्ट वाइज ड्यूटी पर बुलाया जाएगा। जवानों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए दो से तीन दिन उन्हें डाइट में काढ़ा भी दिया जाएगा। साथ ही जवानों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नियमित व्यायाम में प्रशिक्षकों की मदद से फेफड़ों को स्वस्थ रखने और शरीर में आक्सीजन स्तर बनाए रखने संबंधी एक्सरसाइज को शामिल करें। 

इन विशेष प्रशिक्षणों पर भी रोक

जवानों को विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों के लिहाज से प्रशिक्षित बनाने के लिए उन्हें पैरामोटरिंग, पैराजंपिंग, पैराग्लाइडिंग, कायाकिंग, विंड सफरिंग, स्कूवा डाइविंग, माउंटेनिंग, ट्रैकिंग, राफ्टिंग, स्कीइंग इत्यादि की विशेष ट्रेनिंग समय-समय पर दी जाती है। मगर कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस तरह की सभी ट्रेनिंग पर भी रोक लगा दी गई है।

146 ऑक्सीजन कंटेनर हो चुके एयरलिफ्ट

अब तक एयरफोर्स द्वारा 146 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर एयरलिफ्ट करवाए जा चुके हैं। इनमें से 47 कंटेनर देश के भीतर एक से दूसरे राज्यों तक और 109 कंटेनर दूसरे देशों से भारत तक एयरलिफ्ट किए गए हैं। इस काम के लिए वायुसेना के मालवाहक विमान 28 घरेलू और 158 अंतरराष्ट्रीय उड़ान भर चुके हैं।

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