Tech & Travel

Follow for more updates

Mild Fever Head And Muscle Pain Common After Corona Vaccination – न घबराएं: टीका लगने पर हल्का बुखार, सिर व मांशपेशी का दर्द आम, जानें कैसे काम करती है वैक्सीन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 11 May 2021 01:13 AM IST

सार

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रवीण कुमार बताते हैं कि कोरोना वैक्सीन के रिएक्शन को दो हिस्सों में बांटा गया है। हल्के और गंभीर। ऐसे में वैक्सीन लगने के बाद लोगों में वैक्सीन वाली जगह पर दर्द, सूजन या उस जगह का लाल पड़ जाने जैसे लक्षण दिखाई देना आम है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। 

ख़बर सुनें

दिल्ली में चल रही कोरोना की इस चौथी लहर में बड़ी संख्या में लोग टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक 38 लाख से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। लोगों में टीका लगने के बाद कई प्रकार कि प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। इनमें कुछ हल्के प्रभाव होते हैं। कुछ गंभीर। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वैक्सीन लगने के बाद शरीर क्या प्रतिक्रिया देता है, कौन से लक्षण गंभीर श्रेणी में आते हैं, और कौन से सामान्य। 

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रवीण कुमार बताते हैं कि कोरोना वैक्सीन के रिएक्शन को दो हिस्सों में बांटा गया है। हल्के और गंभीर। ऐसे में वैक्सीन लगने के बाद लोगों में वैक्सीन वाली जगह पर दर्द, सूजन या उस जगह का लाल पड़ जाने जैसे लक्षण दिखाई देना आम है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा बुखार आना, सिरदर्द, भूख न लगना और मांसपेशियों में दर्द होना भी शामिल है। इन हल्के लक्षणों से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा असर नहीं पड़ता और जल्दी ही ये ठीक हो जाते हैं। अगर टीका लगवाने के बाद यह सभी दुष्प्रभाव दिख रहे है तो घबराना नहीं चाहिए। टीकाकरण के बाद यह सब होना एक आम बात है। 

डॉक्टर के मुताबिक, टीका लगने के बाद शरीर में होने वाली गंभीर प्रतिक्रिया की बात करें तो इसमें जान जाने का भी खतरा होता है। इसमें वैक्सीन लगते ही उसका एलर्जिक रिएक्शन होता है। जिसमें शरीर वैक्सीन को सपोर्ट नहीं करता। डॉ. प्रवीण कहते हैं कि वैक्सीन के बाद अधिक उम्र के लोगों में एलर्जी की संभावना ज्यादा रहती है, लिहाजा वैक्सीन लगने के बाद लोगों को करीब आधे घंटे तक टीकाकरण केंद्र में  ही रुकने के लिए कहा जा रहा है, ताकि वैक्सीन के बाद इन्हें  निरीक्षण में रखा जा सके। अगर टीके के बाद एलर्जी का कोई लक्षण दिखाई देता है और व्यक्ति की तबियत बिगड़ती है तो उसे तत्काल इलाज के लिए भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार देखा जाता है कि टीका लगवाने के बाद लोग निगरानी कक्ष में नहीं रुकते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 

ऐसे होता है टीका का असर
डॉक्टरों के मुताबिक, टीके को इंजेक्शन के जरिए सीधे शरीर के अंदर पहुंचाया जाता है। अंदर जाने के बाद वैक्सीन शरीर में मौजूद टी कोशिकाओं को सक्रिय कर देती है। वैक्सीन जहां एक ओर शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करती है तो वहीं स्पाइक प्रोटीन को पहचानने के बाद उसके खिलाफ तेजी से काम शुरू कर देती है। शरीर में मौजूद बी कोशिका एंटीबॉडीज बनाकर बाहरी पैथोजन को रोकती है। इस पूरी प्रक्रिया में वायरस कमजोर पड़ता हैं और वो शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को नुकसान नहीं पहुंचा पाता। 

विस्तार

दिल्ली में चल रही कोरोना की इस चौथी लहर में बड़ी संख्या में लोग टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक 38 लाख से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं। लोगों में टीका लगने के बाद कई प्रकार कि प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। इनमें कुछ हल्के प्रभाव होते हैं। कुछ गंभीर। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वैक्सीन लगने के बाद शरीर क्या प्रतिक्रिया देता है, कौन से लक्षण गंभीर श्रेणी में आते हैं, और कौन से सामान्य। 

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रवीण कुमार बताते हैं कि कोरोना वैक्सीन के रिएक्शन को दो हिस्सों में बांटा गया है। हल्के और गंभीर। ऐसे में वैक्सीन लगने के बाद लोगों में वैक्सीन वाली जगह पर दर्द, सूजन या उस जगह का लाल पड़ जाने जैसे लक्षण दिखाई देना आम है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा बुखार आना, सिरदर्द, भूख न लगना और मांसपेशियों में दर्द होना भी शामिल है। इन हल्के लक्षणों से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा असर नहीं पड़ता और जल्दी ही ये ठीक हो जाते हैं। अगर टीका लगवाने के बाद यह सभी दुष्प्रभाव दिख रहे है तो घबराना नहीं चाहिए। टीकाकरण के बाद यह सब होना एक आम बात है। 

डॉक्टर के मुताबिक, टीका लगने के बाद शरीर में होने वाली गंभीर प्रतिक्रिया की बात करें तो इसमें जान जाने का भी खतरा होता है। इसमें वैक्सीन लगते ही उसका एलर्जिक रिएक्शन होता है। जिसमें शरीर वैक्सीन को सपोर्ट नहीं करता। डॉ. प्रवीण कहते हैं कि वैक्सीन के बाद अधिक उम्र के लोगों में एलर्जी की संभावना ज्यादा रहती है, लिहाजा वैक्सीन लगने के बाद लोगों को करीब आधे घंटे तक टीकाकरण केंद्र में  ही रुकने के लिए कहा जा रहा है, ताकि वैक्सीन के बाद इन्हें  निरीक्षण में रखा जा सके। अगर टीके के बाद एलर्जी का कोई लक्षण दिखाई देता है और व्यक्ति की तबियत बिगड़ती है तो उसे तत्काल इलाज के लिए भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार देखा जाता है कि टीका लगवाने के बाद लोग निगरानी कक्ष में नहीं रुकते हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। 

ऐसे होता है टीका का असर

डॉक्टरों के मुताबिक, टीके को इंजेक्शन के जरिए सीधे शरीर के अंदर पहुंचाया जाता है। अंदर जाने के बाद वैक्सीन शरीर में मौजूद टी कोशिकाओं को सक्रिय कर देती है। वैक्सीन जहां एक ओर शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करती है तो वहीं स्पाइक प्रोटीन को पहचानने के बाद उसके खिलाफ तेजी से काम शुरू कर देती है। शरीर में मौजूद बी कोशिका एंटीबॉडीज बनाकर बाहरी पैथोजन को रोकती है। इस पूरी प्रक्रिया में वायरस कमजोर पड़ता हैं और वो शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को नुकसान नहीं पहुंचा पाता। 

Source link