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Kcr Takes Away Portfolio Of Telangana Health Minister Over Land Grab Allegations – तेलंगाना: स्वास्थ्य मंत्री पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप, सीएम ने वापस लिया पद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 01 May 2021 04:05 PM IST

सार

तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ई राजेंद्र पर जबरन जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगने के बाद मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने उनसे यह पद वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री ने मामले में जांच के आदेश जारी किए हैं।

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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से यह पद वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री ने यह कदम मंत्री ई राजेंद्र पर जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगने के बाद उठाया है। सीएम के अनुरोध पर राज्यपाल ने भी मुहर लगा दी है, जिसके बाद ई राजेंद्र का चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का पद अब मुख्यमंत्री के पास स्थानांतरित हो गया है।

मामले में मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने मेदक जिले में जमीन पर कब्जे के आरोपों की जांच का आदेश जारी किया है। उन्होंने मामले में मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि मेदक जिले के मसाईपेट मंडल में अछमपेट के बाहरी इलाके में जमीन पर कब्जे की शिकायतों पर जिला कलेक्टर से जांच करवाई जाए और इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में जमा करवाई जाए।

उल्लेखनीय है कि ई राजेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने मुर्गी पालन उद्योग शुरू करने के लिए 100 एकड़ से अधिक भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया है। अछमपेट और हाकिमपेट गांव के निवासियों का आरोप है कि मुर्गी पालन उद्योग शुरू करने के लिए मंत्री और उनके साथियों ने उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा कर लिया था। किसानों ने प्रशासन से कब्जा छुड़वाने की मांग की थी।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूर्णचंद्र राव को भी तथ्यों की जांच करने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार विजिलेंस टीम ने इलाके का डिजिटल सर्वे करना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, ई राजेंद्र ने इसे सोची समझी साजिश करार दिया है और मामले की पदस्थ न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है। उनसे समर्थकों ने इसे लेकर एक प्रदर्शन भी किया।

विस्तार

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से यह पद वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री ने यह कदम मंत्री ई राजेंद्र पर जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगने के बाद उठाया है। सीएम के अनुरोध पर राज्यपाल ने भी मुहर लगा दी है, जिसके बाद ई राजेंद्र का चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का पद अब मुख्यमंत्री के पास स्थानांतरित हो गया है।

मामले में मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने मेदक जिले में जमीन पर कब्जे के आरोपों की जांच का आदेश जारी किया है। उन्होंने मामले में मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि मेदक जिले के मसाईपेट मंडल में अछमपेट के बाहरी इलाके में जमीन पर कब्जे की शिकायतों पर जिला कलेक्टर से जांच करवाई जाए और इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में जमा करवाई जाए।

उल्लेखनीय है कि ई राजेंद्र पर आरोप है कि उन्होंने मुर्गी पालन उद्योग शुरू करने के लिए 100 एकड़ से अधिक भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया है। अछमपेट और हाकिमपेट गांव के निवासियों का आरोप है कि मुर्गी पालन उद्योग शुरू करने के लिए मंत्री और उनके साथियों ने उनकी जमीनों पर जबरन कब्जा कर लिया था। किसानों ने प्रशासन से कब्जा छुड़वाने की मांग की थी।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूर्णचंद्र राव को भी तथ्यों की जांच करने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार विजिलेंस टीम ने इलाके का डिजिटल सर्वे करना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर, ई राजेंद्र ने इसे सोची समझी साजिश करार दिया है और मामले की पदस्थ न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है। उनसे समर्थकों ने इसे लेकर एक प्रदर्शन भी किया।

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