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Hearing Today On The Petition Seeking Stay On Construction Work Of Central Vista Project In Delhi High Court – सेंट्रल विस्टा: निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की मांग की याचिका पर सुनवाई आज

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 11 May 2021 12:56 AM IST

सार

सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक की मांग को लेकर आन्या मल्होत्रा और सोहेल हाशमी ने सर्वोच्च न्यायालय में उच्च न्यायालय के 4 मई के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की थी। उच्च न्यायालय ने उक्त आदेश में इस मामले की सुनवाई 17 मई तय की थी।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट
– फोटो : पीटीआई

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हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा के निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की मांग याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने का निर्णय किया है। दायर याचिका में  राजधानी में भयावह होती कोरोना संक्रमण के चलते निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आग्रह करते हुए कहा है कि सरकार को पहले महामारी से निपटने पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में जल्द सुनवाई के लिए इस पीठ से संपर्क करने को कहा है। 

सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक की मांग को लेकर आन्या मल्होत्रा और सोहेल हाशमी ने सर्वोच्च न्यायालय में उच्च न्यायालय के 4 मई के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की थी। उच्च न्यायालय ने उक्त आदेश में इस मामले की सुनवाई 17 मई तय की थी। याची ने महामारी के बीच 20 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना पर सवाल उठाते हुए तर्क रखा है कि इस राशि को वर्तमान में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने पर खर्च किया जा सकता है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने न्यायालय में कहा था कि सेंट्रल विस्टा परियोजना का निर्माण आवश्यक गतिविधि नहीं है, ऐसे में कोरोना महामारी के मद्देनजर इसके निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

लूथरा ने न्यायालय को बताया कि यह मामला अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि देश एक अभूतपूर्व मानवीय संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह राजपथ, सेंट्रल विस्टा विस्तार और उद्यान में चल रहे निर्माण कार्य को जारी रखने की प्रदान की गई अनुमति की चुनौती से चिंतित हैं।

उन्होंने कहा था कि मजदूरों को सराय काले खां और करोल बाग क्षेत्र से राजपथ और सेंट्रल विस्टा के निर्माण स्थल तक ले जाया जा रहा है। इससे मजदूरों में संक्रमण फैलने की आशंका है। उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई करने और निर्माण कार्य कर रोक लगाने की मांग की।

लूथरा ने पीठ को बताय कि जब देश में लॉकडाउन लगाने पर विचार किया जा रहा है और आईपीएल मैच भी स्थगित कर दिया गया है तो ऐसे में निर्माण गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जा सकती।

विस्तार

हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा के निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की मांग याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करने का निर्णय किया है। दायर याचिका में  राजधानी में भयावह होती कोरोना संक्रमण के चलते निर्माण कार्य पर रोक लगाने का आग्रह करते हुए कहा है कि सरकार को पहले महामारी से निपटने पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में जल्द सुनवाई के लिए इस पीठ से संपर्क करने को कहा है। 

सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक की मांग को लेकर आन्या मल्होत्रा और सोहेल हाशमी ने सर्वोच्च न्यायालय में उच्च न्यायालय के 4 मई के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की थी। उच्च न्यायालय ने उक्त आदेश में इस मामले की सुनवाई 17 मई तय की थी। याची ने महामारी के बीच 20 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना पर सवाल उठाते हुए तर्क रखा है कि इस राशि को वर्तमान में लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने पर खर्च किया जा सकता है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने न्यायालय में कहा था कि सेंट्रल विस्टा परियोजना का निर्माण आवश्यक गतिविधि नहीं है, ऐसे में कोरोना महामारी के मद्देनजर इसके निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

लूथरा ने न्यायालय को बताया कि यह मामला अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि देश एक अभूतपूर्व मानवीय संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह राजपथ, सेंट्रल विस्टा विस्तार और उद्यान में चल रहे निर्माण कार्य को जारी रखने की प्रदान की गई अनुमति की चुनौती से चिंतित हैं।

उन्होंने कहा था कि मजदूरों को सराय काले खां और करोल बाग क्षेत्र से राजपथ और सेंट्रल विस्टा के निर्माण स्थल तक ले जाया जा रहा है। इससे मजदूरों में संक्रमण फैलने की आशंका है। उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई करने और निर्माण कार्य कर रोक लगाने की मांग की।

लूथरा ने पीठ को बताय कि जब देश में लॉकडाउन लगाने पर विचार किया जा रहा है और आईपीएल मैच भी स्थगित कर दिया गया है तो ऐसे में निर्माण गतिविधियों को अनुमति नहीं दी जा सकती।

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