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Government Waived Late Fee On Delayed Filing Of Monthly Return Gstr 3b And Tax Payment For March And April – राहत: अब बिना विलंब शुल्क फाइल कर सकेंगे मार्च व अप्रैल का Gstr-3b रिटर्न

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ‌डिंपल अलावाधी
Updated Mon, 03 May 2021 11:35 AM IST

सार

सरकार ने मार्च और अप्रैल 2021 माह के लिए जीएसटी का मासिक रिटर्न जीएसटीआर-3बी को जमा कराने में देरी पर विलंब शुल्क को माफ कर दिया है। इसके साथ ही देरी से रिटर्न दायर करने पर ब्याज दर में भी कटौती की गई है।

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सरकार ने मार्च और अप्रैल 2021 माह के लिए जीएसटी का मासिक रिटर्न जीएसटीआर-3बी को जमा कराने में देरी पर विलंब शुल्क को माफ कर दिया है। इसके साथ ही देरी से रिटर्न दायर करने पर ब्याज दर में भी कटौती की गई है। पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले करदाताओं को मासिक संक्षिप्त रिटर्न दायर करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है और बिना किसी विलंब शुल्क के कर भुगतान करने को कहा गया है।

करदाताओं को इन 15 दिनों के लिए नौ फीसदी की घटी दर पर ब्याज देना होगा जिसके बाद यह दर 18 फीसदी होगी। वहीं पिछले वित्त वर्ष के दौरान पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वालों को मार्च और अप्रैल के लिए 3बी रिटर्न दाखिल करने के लिए मूल तिथि के मुकाबले 30 दिन का अधिक समय दिया गया है और देरी से रिटर्न दाखिल करने का विलंब शुल्क भी माफ किया गया है। 

पहले 15 दिन के लिए ब्याज दर शून्य होगी, उसके बाद यह नौ फीसदी की दर से ली जाएगी और 30 दिन के बाद 18 फीसदी की दर से ब्याज देय होगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक मई को यह अधिसूचना जारी की है जिसमें कहा गया है कि ये रियायतें 18 अप्रैल से प्रभाव में आएंगी।

इसके साथ ही अप्रैल की बिक्री रिटर्न जीएसटीआर-1 को दाखिल करने की समयसीमा 26 मई तक बढ़ा दी गई है जिसे 11 मई को दाखिल किया जाना था। कंपोजीशन डीलरों के लिए जो कि जीएसटीआर- 4 दाखिल करते हैं, वित्त वर्ष 2020- 21 के लिये बिक्री रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा एक माह बढ़ाकर 31 मई कर दी गई है।

करदाताओं को इसलिए दी गई राहत
एएमआरजी एंड एसोसियेट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कोविड महामारी से उत्पन्न मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने मार्च और अप्रैल 2021 दो माह के लिए अनुपालन संबंधी राहतों की पेशकश की है। इस समय देश के प्रत्येक कारोबारी को अनुपालन में किसी न किसी तरह के विसतार की आवश्यकता है। ‘बड़े करदाताओं को विलंब शुल्क से पूरी छूट का लाभ मिलेगा जबकि जीएसटीआर-3बी दाखिल करने में 15 दिन की देरी पर ब्याज दर में आंशिक राहत दी गई है। वहीं छोटे करदाताओं को इसी तरह का लाभ 30 दिन की देरी होने पर भी मिलेगा।’

कारोबारी किसी एक महीने की बिक्री का ब्यौरा जीएसटीआर-1 में उसके अगले महीने की 11 तारीख तक भर देते हैं जबकि जीएसटीआर- 3बी को अगले महीने की 20 से 24 तारीख के बीच भरा जाता है।

विस्तार

सरकार ने मार्च और अप्रैल 2021 माह के लिए जीएसटी का मासिक रिटर्न जीएसटीआर-3बी को जमा कराने में देरी पर विलंब शुल्क को माफ कर दिया है। इसके साथ ही देरी से रिटर्न दायर करने पर ब्याज दर में भी कटौती की गई है। पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने वाले करदाताओं को मासिक संक्षिप्त रिटर्न दायर करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है और बिना किसी विलंब शुल्क के कर भुगतान करने को कहा गया है।

करदाताओं को इन 15 दिनों के लिए नौ फीसदी की घटी दर पर ब्याज देना होगा जिसके बाद यह दर 18 फीसदी होगी। वहीं पिछले वित्त वर्ष के दौरान पांच करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वालों को मार्च और अप्रैल के लिए 3बी रिटर्न दाखिल करने के लिए मूल तिथि के मुकाबले 30 दिन का अधिक समय दिया गया है और देरी से रिटर्न दाखिल करने का विलंब शुल्क भी माफ किया गया है। 

पहले 15 दिन के लिए ब्याज दर शून्य होगी, उसके बाद यह नौ फीसदी की दर से ली जाएगी और 30 दिन के बाद 18 फीसदी की दर से ब्याज देय होगा। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक मई को यह अधिसूचना जारी की है जिसमें कहा गया है कि ये रियायतें 18 अप्रैल से प्रभाव में आएंगी।

इसके साथ ही अप्रैल की बिक्री रिटर्न जीएसटीआर-1 को दाखिल करने की समयसीमा 26 मई तक बढ़ा दी गई है जिसे 11 मई को दाखिल किया जाना था। कंपोजीशन डीलरों के लिए जो कि जीएसटीआर- 4 दाखिल करते हैं, वित्त वर्ष 2020- 21 के लिये बिक्री रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा एक माह बढ़ाकर 31 मई कर दी गई है।

करदाताओं को इसलिए दी गई राहत

एएमआरजी एंड एसोसियेट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कोविड महामारी से उत्पन्न मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने मार्च और अप्रैल 2021 दो माह के लिए अनुपालन संबंधी राहतों की पेशकश की है। इस समय देश के प्रत्येक कारोबारी को अनुपालन में किसी न किसी तरह के विसतार की आवश्यकता है। ‘बड़े करदाताओं को विलंब शुल्क से पूरी छूट का लाभ मिलेगा जबकि जीएसटीआर-3बी दाखिल करने में 15 दिन की देरी पर ब्याज दर में आंशिक राहत दी गई है। वहीं छोटे करदाताओं को इसी तरह का लाभ 30 दिन की देरी होने पर भी मिलेगा।’

कारोबारी किसी एक महीने की बिक्री का ब्यौरा जीएसटीआर-1 में उसके अगले महीने की 11 तारीख तक भर देते हैं जबकि जीएसटीआर- 3बी को अगले महीने की 20 से 24 तारीख के बीच भरा जाता है।

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