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Government Adds Four Digit Security Code Feature In Cowin Platform For Vaccination – टीकाकरण: कोविन में मिलेगी अब चार अंकों के सुरक्षा कोड की व्यवस्था, जानिए क्या होगा फायदा

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 07 May 2021 09:22 PM IST

सार

केंद्र सरकार ने यह स्वीकार किया है कि व्यवस्था में एक गड़बड़ है जिसके चलते टीकाकरण के लिए केवल पंजीकरण कराने वाले लोगों को बिना टीका लगवाए ही यह संदेश आ रहा है कि उन्हें टीका लग चुका है। ऐसी और इस तरह की अन्य समस्याओं को हल करने के लिए कोविन प्लेटफॉर्म में चार अंकों का एक सुरक्षा कोड डाला गया है। इस कोड से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि टीका उन्हें ही लगे जिन्होंने इसके लिए पंजीकरण कराया है। सरकार का मानना है कि यह नया चार अंकों वाला कोड कोविन में दी गई सुविधाओं का दुरुपयोग को कम करेगा। 

भारत में कोरोना टीकाकरण
– फोटो : पीटीआई (फाइल)

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देश में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण के लिए तैयार किए गए कोविन पोर्टल में टीकाकरण की स्थिति को लेकर होने वाली गलतियों को कम से कम करने के लिए इस प्रणाली में चार अंकों के सुरक्षा कोड वाला एक नया फीचर शुरू होने जा रहा है। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि आठ मई से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी और सुरक्षा कोड की यह व्यवस्था शुरू होने पर नागरिकों को समस्याओं का कम सामना करना पड़ेगा। 

मंत्रालय ने बताया कि कुछ मामलों में यह बात सामने आई है कि कोविन पोर्टल के माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण के लिए समय लेने वाले कुछ लोग टीका लगवाने के लिए तय तारीख पर नहीं पहुंच सके और उन्हें एसएमएस से सूचना मिल गई कि उन्हें टीके की खुराक दी जा चुकी है। जांच में पाया गया कि ऐसा मुख्यत: इसलिए होता है कि टीका लगाने वाले ने गलत तरीके से नागरिक का टीकाकरण दिखा दिया, जो टीका लगाने वाले की ओर से डाटा एंट्री में खामी की घटना है।

टीकाकरण की इस तरह होगी नई व्यवस्था
इस संबंध में मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘इस तरह की खामियों को न्यूनतम करने और नागरिकों को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए कोविड प्रणाली में आठ मई से चार अंकों वाले सुरक्षा कोड की शुरुआत की जा रही है। अब सत्यापन के बाद टीके की खुराक लगाने से पहले लाभार्थी को अगर पात्र पाया गया तो टीका लगाने वाला उससे चार अंकों का कोड पूछेगा और फिर टीकाकरण की सही स्थिति को कोविन प्रणाली में दर्ज करने के लिए वहां कोड डालेगा।’

केवल इन नागरिकों को मिलेगी यह सुविधा
उल्लेखनीय है कि यह नया फीचर उन्हीं नागरिकों पर लागू होगा जिन्होंने टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन समय लिया है। जानकारी के अनुसार चार अंकों वाला सुरक्षा कोड अप्वाइंटमेंट वाली पावती पर भी प्रिंट होगा और टीका लगाने वाले को इसकी जानकारी नहीं होगी। अपॉइंटमेंट बुक हो जाने के बाद लाभार्थी को यह सुरक्षा कोड एसएमएस के माध्यम से भी भेजा जाएगा। बता दें कि कोविन प्लेटफॉर्म में पहले भी कई समस्याएं सामने आई हैं, जो समस्याओं का सबब बनी हैं।

विस्तार

देश में कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण के लिए तैयार किए गए कोविन पोर्टल में टीकाकरण की स्थिति को लेकर होने वाली गलतियों को कम से कम करने के लिए इस प्रणाली में चार अंकों के सुरक्षा कोड वाला एक नया फीचर शुरू होने जा रहा है। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि आठ मई से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी और सुरक्षा कोड की यह व्यवस्था शुरू होने पर नागरिकों को समस्याओं का कम सामना करना पड़ेगा। 

मंत्रालय ने बताया कि कुछ मामलों में यह बात सामने आई है कि कोविन पोर्टल के माध्यम से कोविड-19 टीकाकरण के लिए समय लेने वाले कुछ लोग टीका लगवाने के लिए तय तारीख पर नहीं पहुंच सके और उन्हें एसएमएस से सूचना मिल गई कि उन्हें टीके की खुराक दी जा चुकी है। जांच में पाया गया कि ऐसा मुख्यत: इसलिए होता है कि टीका लगाने वाले ने गलत तरीके से नागरिक का टीकाकरण दिखा दिया, जो टीका लगाने वाले की ओर से डाटा एंट्री में खामी की घटना है।

टीकाकरण की इस तरह होगी नई व्यवस्था

इस संबंध में मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘इस तरह की खामियों को न्यूनतम करने और नागरिकों को होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए कोविड प्रणाली में आठ मई से चार अंकों वाले सुरक्षा कोड की शुरुआत की जा रही है। अब सत्यापन के बाद टीके की खुराक लगाने से पहले लाभार्थी को अगर पात्र पाया गया तो टीका लगाने वाला उससे चार अंकों का कोड पूछेगा और फिर टीकाकरण की सही स्थिति को कोविन प्रणाली में दर्ज करने के लिए वहां कोड डालेगा।’

केवल इन नागरिकों को मिलेगी यह सुविधा

उल्लेखनीय है कि यह नया फीचर उन्हीं नागरिकों पर लागू होगा जिन्होंने टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन समय लिया है। जानकारी के अनुसार चार अंकों वाला सुरक्षा कोड अप्वाइंटमेंट वाली पावती पर भी प्रिंट होगा और टीका लगाने वाले को इसकी जानकारी नहीं होगी। अपॉइंटमेंट बुक हो जाने के बाद लाभार्थी को यह सुरक्षा कोड एसएमएस के माध्यम से भी भेजा जाएगा। बता दें कि कोविन प्लेटफॉर्म में पहले भी कई समस्याएं सामने आई हैं, जो समस्याओं का सबब बनी हैं।

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