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Go back to Delhi High Court: Supreme Court on plea opposing Central Vista construction | सेंट्रल विस्टा निर्माण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा-हाई कोर्ट जाइए

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को याचिकाकर्ताओं से कहा कि यदि वे उस जनहित याचिका पर शीघ्र सुनवाई चाहते हैं तो वे वापस दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करें जिसमें कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है. न्यायालय ने हालांकि इससे सहमति जतायी कि स्थिति वास्तव में गंभीर है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने कही ये बात

न्यायमूर्ति विनीत सरन ने कहा, ‘जब हम फेस मास्क के साथ बंद कमरों में बैठे हैं, इससे ही पता चलता है कि स्थिति गंभीर है. हम कोविड स्थिति पर कोई और टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे क्योंकि अन्य पीठों के समक्ष मामला विचाराधीन है, नहीं तो हमारी टिप्पणियों की गलत व्याख्या की जा सकती है.’ न्यायमूर्ति सरन और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्दार्थ लूथरा की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया. लूथरा ने अनुरोध किया था कि शीर्ष अदालत दिल्ली उच्च न्यायालय को सेंट्रल विस्टा निर्माण के खिलाफ जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए बाध्य करे. शीर्ष अदालत उच्च न्यायालय के 4 मई के उस आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अदालत ने जनहित याचिका पर सुनवायी 13 दिन के बाद करना तय किया था.

 

कोरोना का संक्रमण हो सकता है तेज

याचिकाकर्ताओं अन्या मल्होत्रा और सोहेल हाशमी ने दावा किया है कि यदि परियोजना को महामारी के दौरान जारी रहने की अनुमति दी गई तो इससे काफी संक्रमण फैल सकता है. उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष कहा है कि ‘चरमराती’ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और निर्माण स्थल पर कार्यरत श्रमिकों का जीवन जोखिम में होने के मद्देनजर परियोजना का जारी रहना चिंता का विषय है.

 

बहुत बड़ी है परियोजना

अधिवक्ता गौतम खजांची और प्रद्युम्न कायस्थ के माध्यम से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि इस परियोजना में राजपथ और इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक पर निर्माण गतिविधि प्रस्तावित है. इस परियोजना के तहत एक नए संसद भवन, एक नए आवासीय परिसर के निर्माण की परिकल्पना की गई है जिसमें प्रधानमंत्री और उप-राष्ट्रपति के आवास के साथ-साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है.

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