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France President Emmanuel Macron Says India Does Not Need Lectures About Vaccine Supplies – फ्रांस से सहयोग : पीएम मोदी से बोले मैक्रों, टीका आपूर्ति पर भारत को भाषण सुनने की जरूरत नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 09 May 2021 03:44 AM IST

सार

पीएम मोदी ने भी सम्मेलन में ईयू के सभी 27 देशों से डब्ल्यूटीओ बैठक में ट्रिप्स छूट पर अपना साथ देने की अपील की ताकि हर किसी को सस्ते कोरोना टीके और कम खर्च में इलाज मुहैया कराया जा सके।

पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों(फाइल फोटो)
– फोटो : पीटीआई

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भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान कोरोना टीकों की कमी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस का साथ मिला है। शनिवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से कहा कि टीका आपूर्ति के बारे में भारत को किसी से भी भाषण सुनने की जरूरत नहीं है। यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों के नेताओं के के वर्चुअल शिखर सम्मेलन में शामिल पीएम मोदी से मैक्रों ने कहा, भारत ने बहुत सारे देशों को टीके की मदद के रूप में ढेर सारी ‘मानवता’ का निर्यात किया है।

पीएम मोदी ने भी सम्मेलन में ईयू के सभी 27 देशों से डब्ल्यूटीओ बैठक में ट्रिप्स छूट पर अपना साथ देने की अपील की ताकि हर किसी को सस्ते कोरोना टीके और कम खर्च में इलाज मुहैया कराया जा सके। इस दौरान भारत-ईयू ने एक संतुलित, महत्वाकांक्षी व व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर 8 साल बाद दोबारा बात शुरू करने का निर्णय लिया। साथ ही आपस में व्यापक संपर्क साझेदारी की शुरुआत की गई। इसके अलावा स्वतंत्र निवेश संरक्षण समझौते को लेकर भी बातचीत का आगाज किया गया।

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की ईयू देशों के सभी 27 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक बेहद सफल रही। बैठक में दोनों पक्षों के बीच की बातचीत व्यापार, निवेश और संपर्क के क्षेत्रों में सभी तरह के सहयोग को और ज्यादा बढ़ाने पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने एक सतत व व्यापक संपर्क साझेदारी की शुरुआत भी की और सम्मेलन को संबंधों में नया मोड़ लाने वाला करार दिया।

सभी देशों के नेताओं ने कोरोना वायरस महामारी और स्वास्थ्य सहयोग को लेकर भी अपनी बात रखी। इस दौरान भारत को कोरोना से जंग में ईयू का साथ मिला। सभी देशों ने पिछले साल कोरोना से लड़ने में मिली भारत की मदद को याद किया और कहा कि भारत की हरसंभव मदद की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने की।

पुर्तगाल ही फिलहाल ईयू परिषद का अध्यक्ष है। ईयू परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने बैठक के बाद ट्वीट में कहा, हमने ईयू नेताओं की पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय खोला है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्षों ने साझा बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि आज की बैठक में साझे हितों, लोकतंत्र, स्वतंत्रता, कानून के शासन एवं मानवाधिकारों का सम्मान जैसे मूल्यों एवं सिद्धांतों को रेखांकित किया गया, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी का मूल है। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी को इस बैठक के लिए पुर्तगाल जाना था, लेकिन कोरोना वायरस संकट को ध्यान में रखते हुए यात्रा को टाल दिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों ने वर्चुअल बातचीत पर सहमति जताई थी।
 
भारत-ईयू व्यापार एक नजर में

  • 2018 में ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था
  • 115.6 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार था भारत-ईयू के बीच
  • 57.17 अरब डॉलर का ईयू को निर्यात किया था भारत ने 2018-19 में
  • 58.42 अरब डॉलर का भारत ने आयात किया था ईयू से इस दौरान
यूरोपीय संघ ने शनिवार को इस बारे में रुख स्पष्ट नहीं किया कि वह कोविड-19 टीकों पर पेटेंट छोड़ने के प्रस्ताव का समर्थन करता है या नहीं। भारत-यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच डिजिटल तरीके से आयोजित शिखर वार्ता में इस विषय पर चर्चा हुई थी।

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 रोधी टीकों के पेटेंट का अधिकार छोड़ने को लेकर भारत और दक्षिण अफ्रीका के प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए यूरोपीय संघ से आह्वान किया।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन डेर लेयान ने नेताओं की बैठक के बाद कहा कि चर्चा के लिए ये महत्वपूर्ण विषय है। हम इस तथ्य से अवगत हैं कि ये भविष्य के विषय हैं। हालिया और निकट भविष्य में चर्चा के ये विषय नहीं हैं।

विस्तार

भारत में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान कोरोना टीकों की कमी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस का साथ मिला है। शनिवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से कहा कि टीका आपूर्ति के बारे में भारत को किसी से भी भाषण सुनने की जरूरत नहीं है। यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों के नेताओं के के वर्चुअल शिखर सम्मेलन में शामिल पीएम मोदी से मैक्रों ने कहा, भारत ने बहुत सारे देशों को टीके की मदद के रूप में ढेर सारी ‘मानवता’ का निर्यात किया है।

पीएम मोदी ने भी सम्मेलन में ईयू के सभी 27 देशों से डब्ल्यूटीओ बैठक में ट्रिप्स छूट पर अपना साथ देने की अपील की ताकि हर किसी को सस्ते कोरोना टीके और कम खर्च में इलाज मुहैया कराया जा सके। इस दौरान भारत-ईयू ने एक संतुलित, महत्वाकांक्षी व व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर 8 साल बाद दोबारा बात शुरू करने का निर्णय लिया। साथ ही आपस में व्यापक संपर्क साझेदारी की शुरुआत की गई। इसके अलावा स्वतंत्र निवेश संरक्षण समझौते को लेकर भी बातचीत का आगाज किया गया।

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की ईयू देशों के सभी 27 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ वर्चुअल बैठक बेहद सफल रही। बैठक में दोनों पक्षों के बीच की बातचीत व्यापार, निवेश और संपर्क के क्षेत्रों में सभी तरह के सहयोग को और ज्यादा बढ़ाने पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने एक सतत व व्यापक संपर्क साझेदारी की शुरुआत भी की और सम्मेलन को संबंधों में नया मोड़ लाने वाला करार दिया।

सभी देशों के नेताओं ने कोरोना वायरस महामारी और स्वास्थ्य सहयोग को लेकर भी अपनी बात रखी। इस दौरान भारत को कोरोना से जंग में ईयू का साथ मिला। सभी देशों ने पिछले साल कोरोना से लड़ने में मिली भारत की मदद को याद किया और कहा कि भारत की हरसंभव मदद की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा ने की।

पुर्तगाल ही फिलहाल ईयू परिषद का अध्यक्ष है। ईयू परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने बैठक के बाद ट्वीट में कहा, हमने ईयू नेताओं की पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय खोला है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्षों ने साझा बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि आज की बैठक में साझे हितों, लोकतंत्र, स्वतंत्रता, कानून के शासन एवं मानवाधिकारों का सम्मान जैसे मूल्यों एवं सिद्धांतों को रेखांकित किया गया, जो हमारी रणनीतिक साझेदारी का मूल है। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी को इस बैठक के लिए पुर्तगाल जाना था, लेकिन कोरोना वायरस संकट को ध्यान में रखते हुए यात्रा को टाल दिया गया। इसके बाद दोनों पक्षों ने वर्चुअल बातचीत पर सहमति जताई थी।

 

भारत-ईयू व्यापार एक नजर में

  • 2018 में ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था
  • 115.6 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार था भारत-ईयू के बीच
  • 57.17 अरब डॉलर का ईयू को निर्यात किया था भारत ने 2018-19 में
  • 58.42 अरब डॉलर का भारत ने आयात किया था ईयू से इस दौरान

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