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Doctors Kept The Patient Alive For 10 Days Then Funeral Was Done In Unclaimed In Meerut Medical Hospital – लापरवाही: तीन ‘संतोष’ में उलझे डॉक्टर, एक को 10 दिन तक जिंदा बताया, फिर लावारिस में किया अंतिम संस्कार

अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 09 May 2021 10:46 AM IST

उत्तर प्रदेश के मेरठ मेडिकल कॉलेज में लापरवाही की इंतहा हुई है। जिस संतोष कुमार (64) को उनके परिजन तलाश रहे थे, उनकी मृत्यु तो भर्ती करने के तीसरे ही दिन ही हो गई थी। अंतिम संस्कार भी लावारिस में कर दिया गया। स्टाफ परिजनों को 10 दिन तक उनके जिंदा होने की सूचना देता रहा। अब प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने मौत की पुष्टि की है। साथ ही उन्होंने जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें डॉ. केएन तिवारी और डॉ. ज्ञानेश्वर टांक शामिल हैं। 64 वर्षीय संतोष कुमार पुत्र सीताराम एमईएस से रिटायर्ड थे। वह मूलरूप से बरेली के रहने वाले थे। इन दिनों वह गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में अपनी बेटी शिवांगी और दामाद अंकित के साथ रह रहे थे। शिवांगी ने बताया कि 21 अप्रैल 11.36 बजे उन्होंने अपने पिता को मेरठ मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कराया था। इसके बाद वह अपने पिता का फोन से हालचाल लेती रहीं। 2 मई को उन्हें बताया गया कि उनके पिता अब आईसीयू में हैं और उनका आक्सीजन लेवल 77 है। 3 मई की सुबह मेडिकल कॉलेज कोविड सेंटर फोन करने पर उन्हें बताया गया कि उनके पिता अभी भी आईसीयू में हैं। आक्सीजन लेवल 92 है। 

 

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