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crime branch Will Inquire oxygen concentrator black marketing case

नई दिल्ली: ऑक्सीजन कंसंट्रेटर (Oxygen Concentrator) की कालाबाजारी के मामले में जांच अब क्राइम ब्रांच (Crime Branch) को सौंप दी गई है. मैट्रिक्स कंपनी ने अपने आप को बेगुनाह बताते हुए दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दाखिल कर पुलिस द्वारा जब्त तमाम ऑक्सीजन कंसंट्रेटर वापस करने की गुहार लगाई है.

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी
जिन दिनों दिल्ली में कोरोना (Coronavirus) से संक्रमित लोग अपनी उखड़ती सांसों को बचाने के लिये मारे-मारे फिर रहे थे, दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत सामने आ रही थी. उन्हीं दिनों ऑक्सीजन कंसंट्रेटर (Oxygen Concentrator) की कालाबाजारी और जमाखोरी के आरोप में पुलिस ने सबसे पहले नागे एंड जू रेस्टोरेन्ट पर छापा मारा वहां से ब्लैक में बेचे जा रहे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पुलिस ने बरामद किए. उसके बाद पकड़े गए लोगों से पूछताछ के बाद छत्तरपुर के मांडी गांव के खुल्लर फार्म और खान मार्केट के खान चाचा रेस्टोरेंट पर भी पुलिस ने छापा मारा, जहां से सैंकड़ों की संख्या में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पुलिस ने जब्त किए.

कुल 5 लोग हुए गिरफ्तार
पुलिस को अपनी जांच में पता चला कि ये ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खान चाचा रेस्टोरेंट के मालिक नवनीत कालरा ने अपने पार्टनर गगन दुग्गल की कंपनी मैट्रिक्स सेलुलर के जरिये लंदन से मंगवाए थे, जिनको ऑनलाइन पोर्टेट एक्स फैक्टर के जरिये 70 हजार तक बेच रहे थे. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद नवनीत कालरा और उसके लंदन कनेक्शन पर भी सवाल उठने लगे हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक मैट्रिक्स कंपनी के सीईओ गौरव खन्ना समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.

कंपनी ने दायर की याचिका
वहीं नवनीत कालरा के पार्टनर गगन दुग्गल की कंपनी मैट्रिक्स सेलुलर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा कर जब्त किए गए अपने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर वापस करने की गुहार लगाई है. अपनी याचिका में कंपनी ने दावा किया है कि उसने अपनी कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सबिलिटी (CSR) के तहत 200 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दान किये हैं 10000 मास्क भी दान दिए हैं. हमने जितने भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बेचे हैं सब इनवॉइस पर बेचे हैं. भारत में इम्पोर्ट करने की तमाम ड्यूटी पर टैक्स सरकार को दिए हैं. किसी भी गैर कानूनी तरीके से हम ऑक्सीजन कंसंट्रेटर नहीं बेच रहे थे. जितने भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पुलिस ने जब्त किए हैं वो पहले से ही बुक किये गए थे, लिहाजा मैट्रिक्स कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाकर जब्त ऑक्सीजन कंसंट्रेटर वापस करने की मांग की है.

रेस्टोरेंट का मालिक कौन?
अब दिल्ली पुलिस को अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट सोमवार को हाई कोर्ट में दाखिल करनी है लेकिन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की कालाबाजारी के आरोप में जिस खान चाचा रेस्टोरेंट का नाम आया उसी खान चाचा के बच्चे सलीम जावेद काफी दुखी हैं. सलीम जावेद सालों से नवनीत कालरा के पार्टनर थे लेकिन पिछले साल कोर्ट में हुए समझौते के बाद इन्होंने अलग रेस्टोरेंट शुरू कर दिया था लेकिन खान चाचा के नाम का रेस्टोरेंट अब नवनीत कालरा ही चला रहा है. ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने के लिए खान चाचा रेस्टोरेंट के बाहर लोगों की लगी लंबी लाइन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 

ऑडियो हो रहा वायरल
सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें नवनीत कालरा को बोलते हुए सुना जा सकता है, जिसमें वो कह रहा है, ‘I Have 2 lakhs calls to attend so I wont be able to ans each and every body personal question. सारी डिटेल्स आपको सेल्फ एक्सप्लेनेटरी मैसेज में भेजी है कौन सा मॉडल है? क्या है? एक मशीन मैं खान मार्केट वालों को दे सकता हूं, उनके घर के यूज के लिए अगर किसी को फिर भी चाहिए तो मशीन तीन बजे तक ब्लॉक होगी. मेरी मशीन सारी खतम हो रही हैं तो मैं खान मार्केट फ्रैंड्स को भी अलॉट नहीं कर पाऊंगा.’

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रसूखदार है नवनीत कालरा
पुलिस इस ऑडियो क्लिप की भी जांच कर रही है लेकिन सबसे हैरानी इस बात को लेकर है कि जब लोगों के लिए एक दूसरे की मदद करने का वक्त था उस समय भी करोड़पति नवनीत कालरा ने जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर पैसे कमाने के लिए आपदा में अवसर तलाश कर लिया. नवनीत कालरा के अगर रसूख की बात करें तो उसके रेस्टोरेंट में इंडियन क्रिकेट टीम के प्लेयर्स का भी खूब आना जाना था. अब नवनीत कालरा के सामने आने के बाद ही पता चलेगा कि कालाबाजारी करने के पुलिस के आरोप सच्चे हैं या मैट्रिक्स कंपनी के दावे.

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