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Coronavirus In Haridwar News: Covid Dead Patient Funeral 24 Hours In Kankhal Shamshan Ghat Photos – कोरोना से हार गईं सांसें: हरिद्वार में श्मशान घाट पर 24 घंटे जल रहीं चिताएं, तपने लगे आस-पास के मकान, तस्वीरें…

दीपक प्रजापति, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 01 May 2021 01:30 AM IST

कोरोना महामारी हर दिन कई लोगों की जान ले रही है। हरिद्वार के श्मशान घाटों पर रोते-बिलखते व पीपीई किट में अंतिम संस्कार करते मृतकों के परिजनों को देखकर लोग सिहर उठते हैं। श्मशान घाटों में लगातार चिताएं जलने से आसपास के मकान भी तपने लगे हैं। कई लोग तो अपने मकानों में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।

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जनपद में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही मौतों का आंकड़ा भी डराने लगा है। आलम यह है कि श्मशान घाटों पर 24 घंटे चिताएं जल रही हैं। कनखल और खड़खड़ी के शवदाह गृहों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। शवदाह गृह के साथ ही आसपास खाली पड़ी जमीनों पर भी अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं।

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कनखल श्मशान घाट के आसपास कई मकान हैं। लगातार चिताएं जलने से आग की तपिश मकानों तक भी पहुंच रही है। भीषण गर्मी के कारण लोगों का घरों में रहना भारी पड़ रहा है। ऐसे में आसपास रहने वाले कुछ लोग घरों में ताला लगाकर अपने रिश्तेदारों के यहां जा रहे हैं। औसतन रोजाना यहां 20 से 25 शवों का अंतिम संस्कार हो रहा है। प्लेटफार्म कम पड़ने के कारण खाली जगहों का इस्तेमाल हो रहा है।

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