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Corona Virus Infection Speed Up In Villages Of Uttar Pradesh – अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट: गांव-गांव कहर बरपा रहा कोरोना, कहीं मिले सड़े-गले शव तो कहीं ऐसा है हाल

सार

कोरोना वायरस अब उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पहुंच गया है। अब तक मौत के ज्यादातर मामले शहरों से आ रहे थे, लेकिन छोटे जिलों व ग्रामीण इलाके में भी मौत का ग्राफ बढ़ने लगा है। गांवों में बुखार, कोरोना और इसके लक्षण वाले मरीजों की मौतों से दहशत है।  मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है।

उत्तर प्रदेश के गांवों में कोरोना वायरस
– फोटो : अमर उजाला

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शहरों में तबाही मचाने के साथ ही कोरोना संक्रमण अब गांवों में तेजी से पांव पसार रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तो गांवों के हालात काफी चिंताजनक हैं। संक्रमण का दायरा बढ़ने के साथ ही मरने वालों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अपने जिले के गांवों में कोरोना का कहर जानने के लिए पढ़ें अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट…

लखनऊ: यूपी के ग्रामीण इलाकों में भी पहुंचा कोरोना, 17.77 फीसदी बढ़ी मृत्यु दर
मार्च तक कोरोना वायरस का असर ज्यादातर शहरों तक सीमित था। ग्रामीण इलाकों में कभी-कभार संक्रमित मिल रहे थे। पर, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 31 मार्च को सिर्फ 2 जिलों में 100 से अधिक मरीज थे। 10 अप्रैल को 60 जिलों में 100 से कम मरीज थे। 15 अप्रैल को 26 जिलों में, 20 अप्रैल को 10 जिलों में और 25 अप्रैल को सिर्फ 6 जिले में 100 से कम मरीज हैं। शेष सभी जिलों में संख्या सौ से अधिक है, और पढ़ें

कानपुरः गांव-गांव बुखार का कहर, महीनेभर में 70 मौतें, पंचायत चुनाव प्रचार और नतीजे आने के बीच गईं ज्यादातर की जान
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के गांव भदरस, जहांगीराबाद और पतारा में महीनेभर में 70 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव के लिए प्रचार शुरू होने से नतीजे आने तक ये मौतें हुई हैं। इससे पहले इतनी खराब स्थिति नहीं थी। अब भी इन गांवों में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं.. और पढ़ें

तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर यह आंकड़े झूठे हैं और दावा किताबी है। जनकवि अदम गोंडवी की यह पंक्तियां कोरोना महामारी में वाराणसी के गांवों पर सौ फीसदी लागू होती हैं। गांवों के श्मशान में चिता पर चटकती लकड़ियां इस बात की गवाह है कि हर गांव से हर रोज लाशें उठ रही हैं। उसकी वजह कोरोना महामारी है। घर-घर लोग बीमार हैं, लेकिन न तो लोग जांच करा रहे हैं और ना ही सतर्क हैं। गांवों में कोरोना का माखौल उड़ाया जा रहा है, लेकिन मौत हर रोज झपट्टा मार रही है…और पढ़ें

गाजीपुर में गंगा घाटों पर मिले 24 से अधिक सड़े-गले शव, कहां से आया- किसी को पता नहीं
गाजीपुर जिले में सोमवार को गंगा घाटों के दो किमी के दायरे में 24 से अधिक शव तीन-चार दिनों से उतराए पड़े मिले. सड़न एवं दुर्गंध के बाद तटवर्ती इलाके के लोगों को जानकारी हुई तो उन्होंने सूचना पुलिस को दी।  शाम करीब छह बजे एसडीएम रमेश मौर्या एवं एसपी ग्रामीण गंगा घाट पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट रहे…और पढ़ें
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद गांवों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। प्रत्याशियों के साथ ग्रामीण भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। सोमवार को आई रिपोर्ट में 157 संक्रमित मिले हैं। जिनमें सकौती के प्रधान व उसके पुत्र समेत 25 ग्रामीण पॉजिटिव पाए गए हैं। जबकि दौराला में 10, सरधना में 33, खरखौदा में 12, मवाना में 67, परीक्षितगढ़ में नौ और माछरा में एक व्यक्ति संक्रमित मिला है और पढ़ें

पंचायत चुनाव का दुष्प्रभाव : गोरखपुर जिले के इन गांवों में घुसा कोरोना वायरस, बढ़ी चुनौती
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद कोरोना वायरस ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। मौत का आंकड़ा भी बढ़ा है। सबसे ज्यादा संक्रमण गोरखपुर जिले के गोला, बांसगांव, सहजनवां, चौरीचौरा, पाली, खोराबार और कैंपियरगंज विकास खंड से संबंधित गांवों में है। इससे स्वास्थ्य विभाग की चुनौती बढ़ी है। प्रशासनिक अफसर भी चिंतित हैं… और पढ़ें

विस्तार

शहरों में तबाही मचाने के साथ ही कोरोना संक्रमण अब गांवों में तेजी से पांव पसार रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तो गांवों के हालात काफी चिंताजनक हैं। संक्रमण का दायरा बढ़ने के साथ ही मरने वालों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अपने जिले के गांवों में कोरोना का कहर जानने के लिए पढ़ें अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट…

लखनऊ: यूपी के ग्रामीण इलाकों में भी पहुंचा कोरोना, 17.77 फीसदी बढ़ी मृत्यु दर

मार्च तक कोरोना वायरस का असर ज्यादातर शहरों तक सीमित था। ग्रामीण इलाकों में कभी-कभार संक्रमित मिल रहे थे। पर, स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 31 मार्च को सिर्फ 2 जिलों में 100 से अधिक मरीज थे। 10 अप्रैल को 60 जिलों में 100 से कम मरीज थे। 15 अप्रैल को 26 जिलों में, 20 अप्रैल को 10 जिलों में और 25 अप्रैल को सिर्फ 6 जिले में 100 से कम मरीज हैं। शेष सभी जिलों में संख्या सौ से अधिक है, और पढ़ें

कानपुरः गांव-गांव बुखार का कहर, महीनेभर में 70 मौतें, पंचायत चुनाव प्रचार और नतीजे आने के बीच गईं ज्यादातर की जान

कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र के गांव भदरस, जहांगीराबाद और पतारा में महीनेभर में 70 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत चुनाव के लिए प्रचार शुरू होने से नतीजे आने तक ये मौतें हुई हैं। इससे पहले इतनी खराब स्थिति नहीं थी। अब भी इन गांवों में सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं.. और पढ़ें


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वाराणसी में कोरोना से जंग: गांवों में घर-घर लोग बीमार, न जांच करवा रहे न इलाज

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