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Central Cabinet Approves To Give Free Ration For Two Months Of Poor People – कोरोना संकट: कैबिनेट ने दी गरीबों को दो महीने मुफ्त राशन की मंजूरी

एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 06 May 2021 02:19 AM IST

सार

राशन खाद्यान्न राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लाभार्थियों की श्रेणी में आने वाले करीब 79.88 करोड़ लोगों को दिया जाएगा।

सांकेतिक तस्वीर….
– फोटो : खाद्य आपूर्ति विभाग

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (तीसरा चरण) के तहत मई और जून माह में गरीबों को अतिरिक्त खाद्यान्न देने की बात कही गई थी।

यह अतिरिक्त खाद्यान्न राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लाभार्थियों की श्रेणी में आने वाले करीब 79.88 करोड़ लोगों को दिया जाएगा। इनमें से हर व्यक्ति को मई और जून माह में 5-5 किलोग्राम अतिरिक्त खाद्यान्न दिया जाएगा।

बैठक के बाद बताया गया कि 79.88 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ देने के लिए करीब 80 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। दो महीने तक अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सरकार को 36789.2 रुपये प्रति मीट्रिक टन चावल और 2573.4 रुपये प्रति मीट्रिक टन गेहूं के दामों के हिसाब से करीब 25332.92 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी का बोझ उठाना होगा।

राज्यवार खाद्यान्न आवंटन का आंकड़ा केंद्रीय खाद्य व सार्वजनिक वितरण विभाग की तरफ से एनएफएसए के आंकड़ों के आधार पर तय किया जाएगा।

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (तीसरा चरण) के तहत मई और जून माह में गरीबों को अतिरिक्त खाद्यान्न देने की बात कही गई थी।

यह अतिरिक्त खाद्यान्न राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लाभार्थियों की श्रेणी में आने वाले करीब 79.88 करोड़ लोगों को दिया जाएगा। इनमें से हर व्यक्ति को मई और जून माह में 5-5 किलोग्राम अतिरिक्त खाद्यान्न दिया जाएगा।

बैठक के बाद बताया गया कि 79.88 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ देने के लिए करीब 80 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। दो महीने तक अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए सरकार को 36789.2 रुपये प्रति मीट्रिक टन चावल और 2573.4 रुपये प्रति मीट्रिक टन गेहूं के दामों के हिसाब से करीब 25332.92 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी का बोझ उठाना होगा।

राज्यवार खाद्यान्न आवंटन का आंकड़ा केंद्रीय खाद्य व सार्वजनिक वितरण विभाग की तरफ से एनएफएसए के आंकड़ों के आधार पर तय किया जाएगा।

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