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Bihar Purnia Ljp Leader Murder After : Taking Ransom Of 10 Lakh In Purnia Bihar Crime News – Bihar: अपहरण के 4 दिन बाद मिला एलजेपी नेता का शव, 10 लाख की फिरौती लेने के बाद भी हत्या

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: वर्तिका तोलानी
Updated Sun, 02 May 2021 02:08 PM IST

सार

अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपये की फिरौती लेने के बाद भी अनिल उरांव की हत्या कर दी। आक्रोशित परिजनों ने आरएन साहू चौक पर हंगामा और पूर्णिया शहर में चक्का जाम करना शुरू कर दिया है।

बिहार: लोजपा नेता की हत्या
– फोटो : सोशल मीडिया

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बिहार के पूर्णिया में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के नेता का गुरुवार को अपहरण कर लिया गया था। चार दिन के बाद यानी रविवार को पुलिस ने कृत्यानंद नगर थाना क्षेत्र के डंबराहा गांव से नेता का शव बरामद किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने लाश का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
29 अप्रैल को हुआ था अनिल उरांव का अपहरण
बताया जा रहा है कि लोक जनशक्ति पार्टी के नेता अनिल उरांव का 29 अप्रैल को अपहरण कर लिया था। तत्पश्चात उरांव के परिजन ने पुलिस में अपहरणकर्ताओं के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की थी। परिजनों ने पुलिस पर इल्जाम लगाते हुए कहा है कि अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपये की मांग की थी। फिरौती देने के लिए परिजनों के साथ पुलिस भी गई थी। इसके बावजूद अपहर्ताओं ने पुलिस को चकमा देकर फिरौती वसूलने के बाद हत्या कर दी। लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाई। बेशक यह पुलिस की बड़ी नाकामी है। 
आरएन साहू चौक पर परिजनों में किया हंगामा
पोस्टमार्टम के बाद नेता की लाश को परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने आरएन साहू चौक पर हंगामा और पूर्णिया शहर में चक्का जाम करना शुरू कर दिया। आपको बता दें अनिल उरांव ने साल 2015 और 2020 में कटिहार के निहारी विधानसभा से चुना लड़ा था, लेकिन हार गए थे। 

विस्तार

बिहार के पूर्णिया में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के नेता का गुरुवार को अपहरण कर लिया गया था। चार दिन के बाद यानी रविवार को पुलिस ने कृत्यानंद नगर थाना क्षेत्र के डंबराहा गांव से नेता का शव बरामद किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस ने लाश का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

29 अप्रैल को हुआ था अनिल उरांव का अपहरण

बताया जा रहा है कि लोक जनशक्ति पार्टी के नेता अनिल उरांव का 29 अप्रैल को अपहरण कर लिया था। तत्पश्चात उरांव के परिजन ने पुलिस में अपहरणकर्ताओं के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की थी। परिजनों ने पुलिस पर इल्जाम लगाते हुए कहा है कि अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपये की मांग की थी। फिरौती देने के लिए परिजनों के साथ पुलिस भी गई थी। इसके बावजूद अपहर्ताओं ने पुलिस को चकमा देकर फिरौती वसूलने के बाद हत्या कर दी। लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाई। बेशक यह पुलिस की बड़ी नाकामी है। 

आरएन साहू चौक पर परिजनों में किया हंगामा

पोस्टमार्टम के बाद नेता की लाश को परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद आक्रोशित परिजनों ने आरएन साहू चौक पर हंगामा और पूर्णिया शहर में चक्का जाम करना शुरू कर दिया। आपको बता दें अनिल उरांव ने साल 2015 और 2020 में कटिहार के निहारी विधानसभा से चुना लड़ा था, लेकिन हार गए थे। 

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