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Bengal Violence: After Elections, Blood Bath Started In Bengal, The Case Reaches To The Supreme Court, Bjp Seeks Cbi Investigation – बंगाल हिंसा: चुनाव के बाद हो रहे खून खराबे का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, भाजपा ने की सीबीआई जांच की मांग

राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 04 May 2021 04:38 PM IST

सार

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राज्य में हिंसा, हत्या व बलात्कार जैसी वारदातें होने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया
 

पश्चिम बंगाल में हिंसा
– फोटो : ANI

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बंगाल में चुनाव के बाद हो रही हिंसा का मामला मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंंच गया। भाजपा प्रवक्ता व वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे के बाद हो रहे खून खराबे, हत्या व बलात्कार आदि की घटनाओं की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

भाटिया ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्य उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जिन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में किसी अन्य पार्टी को वोट दिया था।

अभिजीत सरकार की हत्या, लोकतंत्र का नंगा नाच
कोलकाता में अभिजीत सरकार की हत्या का जिक्र करते हुए भाटिया ने कहा कि यह घटना इस बात का उजागर करने के लिए पर्याप्त है कि टीएमसी की छत्रछाया में पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का ‘नंगा नाच’ हो रहा है।

याचिका में कहा गया है कि मरने से कुछ समय पहले अभिजीत सरकार द्वारा फेसबुक में डाले गए एक वीडियो पोस्ट में यह कहा गया था कि किस तरह से टीएमसी के समर्थकों ने न केवल उनके घर व एनजीओ को तहस-नहस किया बल्कि लोगों को मारा भी। वीडियो पोस्ट करने के बाद अभिजीत की मौत हो गई।

टीएमसी कार्यकर्ताओं पर एफआईआर तक दर्ज नहीं
याचिका में सीबीआई जांच के अलावा पश्चिम बंगाल सरकार को इन घटनाओं को लेकर दर्ज एफआईआरऔर इन घटनाओं में शामिल लोगों की गिरफ्तारी से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने की गुहार भी लगाई गई है। भाटिया ने आरोप लगाया है कि टीएमसी का पुलिस व अन्य एजेंसियों पर इतना दबदबा है कि अब तक इस मामले में शामिल टीएमसी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

उधर, बंगाल हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को फोन करके कानून और व्यवस्था कि स्थिति पर चिंता और दुख व्यक्त किया। 

राज्यपाल धनखड़ ने किया ट्वीट
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार दोपहर को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फोन पर बात कर बंगाल में जारी हिंसा को लेकर चिंता व्यक्ति की है।

 

बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणाम आने के बाद जो घटनाएं हमने देखीं वो झटका देने वाली हैं और हम इसे लेकर चिंतित हैं। मैंने भारत के विभाजन के दौरान ऐसी घटनाओं के बारे में सुना था। हमने स्वतंत्र भारत में एक चुनाव के परिणाम के बाद ऐसी असहिष्णुता पहले कभी नहीं देखी। 

बता दें,  पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसाओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के साथ ही हिंसा भड़क गई। बंगाल में खून खराबा जारी है। इसमें कथित तौर पर झड़प और दुकानों को लूटे जाने के दौरान कई भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई, तो कई घायल हो गए।

विस्तार

बंगाल में चुनाव के बाद हो रही हिंसा का मामला मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंंच गया। भाजपा प्रवक्ता व वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर कर पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे के बाद हो रहे खून खराबे, हत्या व बलात्कार आदि की घटनाओं की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

भाटिया ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्य उन लोगों को निशाना बना रहे हैं जिन्होंने 2021 के विधानसभा चुनाव में किसी अन्य पार्टी को वोट दिया था।

अभिजीत सरकार की हत्या, लोकतंत्र का नंगा नाच

कोलकाता में अभिजीत सरकार की हत्या का जिक्र करते हुए भाटिया ने कहा कि यह घटना इस बात का उजागर करने के लिए पर्याप्त है कि टीएमसी की छत्रछाया में पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र का ‘नंगा नाच’ हो रहा है।

याचिका में कहा गया है कि मरने से कुछ समय पहले अभिजीत सरकार द्वारा फेसबुक में डाले गए एक वीडियो पोस्ट में यह कहा गया था कि किस तरह से टीएमसी के समर्थकों ने न केवल उनके घर व एनजीओ को तहस-नहस किया बल्कि लोगों को मारा भी। वीडियो पोस्ट करने के बाद अभिजीत की मौत हो गई।

टीएमसी कार्यकर्ताओं पर एफआईआर तक दर्ज नहीं

याचिका में सीबीआई जांच के अलावा पश्चिम बंगाल सरकार को इन घटनाओं को लेकर दर्ज एफआईआरऔर इन घटनाओं में शामिल लोगों की गिरफ्तारी से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने की गुहार भी लगाई गई है। भाटिया ने आरोप लगाया है कि टीएमसी का पुलिस व अन्य एजेंसियों पर इतना दबदबा है कि अब तक इस मामले में शामिल टीएमसी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।


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