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7 Corona Patients Died Due To Lack Of Oxygen In Hyderabad Government Hospital As Oxygen Tanker Driver Lost His Way – हैदराबाद: ऑक्सीजन टैंकर चालक रास्ते में भटका, देरी के कारण 7 मरीजों की चली गई जान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Mon, 10 May 2021 03:47 PM IST

सार

हैदराबाद के सरकारी अस्पताल किंग कोटी में रविवार को मेडिकल ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी। मेडिकल ऑक्सीजन की नई खेप लेकर एक टैंकर चालक अस्पताल आ रहा था, लेकिन वह रास्ता भटक गया।

दिल्ली पहुंची ऑक्सीजन एक्सप्रेस
– फोटो : एएनआई

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कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद कई लोगों में ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हो रही है। मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत से निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन से लेकर जिला प्रशासन व राज्य सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। एक जिले व प्रदेश से दूसरे शहरों व राज्यों तक ऑक्सीजन टैंकर पहुंचाने का काम तेजी से जारी है। हालांकि, फिर भी ऑक्सीजन के इंतजार में कोरोना से जंग लड़ते-लड़ते अस्पतालों में मरीज दम तोड़ दे रहे हैं। हैदराबाद के एक सरकारी अस्पताल में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब मेडिकल ऑक्सीजन की नई खेप लाने निकला ड्राइवर रास्ता भटक गया और उसके इंतजार में सात मरीजों ने दम तोड़ दिया।

सही समय पर ऑक्सीजन लेकर अस्पताल नहीं पहुंच सका ड्राइवर
दरअसल, ये घटना हैदराबाद के सरकारी अस्पताल किंग कोटी की है। अस्पताल में रविवार (9 मई) को मेडिकल ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी। मेडिकल ऑक्सीजन की नई खेप लेकर एक टैंकर चालक अस्पताल आ रहा था, लेकिन वह रास्ता भटक गया। इधर, अस्पताल में सभी ड्राइवर के इंतजार में थे। हॉस्पिटल प्रशासन, मरीज व उनके परिजन ऑक्सीजन आने में हो रही देरी से बेचैन हो रहे थे। धीरे-धीरे आईसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई का प्रेशर कम होने लगा। मरीजों को सांस लेने में मुश्किल होने लगी। थोड़ी ही देर में ऑक्सीजन का सप्लाई लेवल खतरे से नीचे चला गया। ड्राइवर सही समय पर ऑक्सीजन लेकर अस्पताल नहीं पहुंच सका और देखते ही देखते सात मरीजों की मौत हो गई।

उठ रहे सवाल
जानकारी के मुताबिक अस्पताल के ऑक्सीजन टैंक में दोपहर से ही ऑक्सीजन का प्रेशर कम दिखा रहा था। अस्पताल के अधिकारियों ने तुरंत टैंक को भरने का निर्देश दिया, लेकिन ऑक्सीजन टैंकर लेकर आ रहा ड्राइवर रास्ते में भटक गया। हैदराबाद के नायारणगुड़ा पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद टैंकर को खोज निकाला, लेकिन जब तक टैंकर ऑक्सीजन लेकर अस्पताल पहुंचता तब तक काफी देर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ऑक्सीजन टैंकर लेकर 12 घंटे देरी से अस्पताल पहुंचा। इस घटना पर अस्पताल प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। कुछ लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि ऑक्सीजन लेकर आ रहे टैंकर को ग्रीन कॉरिडोर क्यों नहीं मुहैया कराया गया।

विस्तार

कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद कई लोगों में ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में मरीजों की मौत हो रही है। मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत से निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन से लेकर जिला प्रशासन व राज्य सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। एक जिले व प्रदेश से दूसरे शहरों व राज्यों तक ऑक्सीजन टैंकर पहुंचाने का काम तेजी से जारी है। हालांकि, फिर भी ऑक्सीजन के इंतजार में कोरोना से जंग लड़ते-लड़ते अस्पतालों में मरीज दम तोड़ दे रहे हैं। हैदराबाद के एक सरकारी अस्पताल में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब मेडिकल ऑक्सीजन की नई खेप लाने निकला ड्राइवर रास्ता भटक गया और उसके इंतजार में सात मरीजों ने दम तोड़ दिया।

सही समय पर ऑक्सीजन लेकर अस्पताल नहीं पहुंच सका ड्राइवर

दरअसल, ये घटना हैदराबाद के सरकारी अस्पताल किंग कोटी की है। अस्पताल में रविवार (9 मई) को मेडिकल ऑक्सीजन की कमी होने लगी थी। मेडिकल ऑक्सीजन की नई खेप लेकर एक टैंकर चालक अस्पताल आ रहा था, लेकिन वह रास्ता भटक गया। इधर, अस्पताल में सभी ड्राइवर के इंतजार में थे। हॉस्पिटल प्रशासन, मरीज व उनके परिजन ऑक्सीजन आने में हो रही देरी से बेचैन हो रहे थे। धीरे-धीरे आईसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई का प्रेशर कम होने लगा। मरीजों को सांस लेने में मुश्किल होने लगी। थोड़ी ही देर में ऑक्सीजन का सप्लाई लेवल खतरे से नीचे चला गया। ड्राइवर सही समय पर ऑक्सीजन लेकर अस्पताल नहीं पहुंच सका और देखते ही देखते सात मरीजों की मौत हो गई।

उठ रहे सवाल

जानकारी के मुताबिक अस्पताल के ऑक्सीजन टैंक में दोपहर से ही ऑक्सीजन का प्रेशर कम दिखा रहा था। अस्पताल के अधिकारियों ने तुरंत टैंक को भरने का निर्देश दिया, लेकिन ऑक्सीजन टैंकर लेकर आ रहा ड्राइवर रास्ते में भटक गया। हैदराबाद के नायारणगुड़ा पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद टैंकर को खोज निकाला, लेकिन जब तक टैंकर ऑक्सीजन लेकर अस्पताल पहुंचता तब तक काफी देर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ऑक्सीजन टैंकर लेकर 12 घंटे देरी से अस्पताल पहुंचा। इस घटना पर अस्पताल प्रशासन चुप्पी साधे बैठा है। कुछ लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि ऑक्सीजन लेकर आ रहे टैंकर को ग्रीन कॉरिडोर क्यों नहीं मुहैया कराया गया।

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